मंगलवार, 28 जून, 2005 को 16:37 GMT तक के समाचार
ज़ुबैर अहमद
बीबीसी संवाददाता, मुंबई
भारत के किसी हाईवे पर आपको लंबा सफ़र करना हो और भूख लगी हो तो आपकी निगाहें सीधे किसी ढाबे की तलाश में व्यस्त हो जाएँगी.
आपको याद आने लगेगा पप्पू ढाबा या शेरे पंजाब ढाबा या बहुत मॉडर्न हुआ, तो मोहन या जालंधर ईटिंग प्लेस.
लेकिन अब लगता है कि वो दिन दूर नहीं जब आपको हाईवे पर नामी कंपनियों के शानदार ढाबे नज़र आने लगेंगे.
दरअसल विशेषज्ञों का मत है कि ये एक ऐसा क्षेत्र हो सकता है जहाँ पैसे लगाए जाएँ तो कारोबार बढ़िया जम सकता है.
शायद इसी को निगाह में रखकर अब रिलायंस इंडस्ट्रीज़ देश भर में राजमार्गों पर ढाबे खोलने जा रहा है.
रिलायंस भारत में ढाबे खोलनेवाली पहली बड़ी कंपनी होगी.
रिलायंस के 'ढाबे'
रिलायंस समूह में बँटवारे के बाद मुकेश अंबानी के हिस्से में आई कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का कहना है कि वह देश भर में ऐसे 145 ढाबे खोलने जा रही है जहाँ खाने-ठहरने का इंतज़ाम होगा.
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के एक प्रवक्ता के अनुसार ये ढाबे रिलायंस के पेट्रोल पंपों पर खोले जाएँगे.
प्रवक्ता के अनुसार ढाबे दो तरह के होंगे. एक का नाम होगा 'ए-1 प्लाज़ा' और दूसरे का 'रिफ़्रेश'.
ए-1 प्लाज़ा में आम ड्राइवर, कंडक्टरों के खाने-ठहरने की व्यवस्था होगी वहीं रिफ़्रेश में ऊँचे दर्जे वाले ऐसे लोग जा सकते हैं जो अधिक पैसे दे सकते हों.
लेकिन दोनों ही जगह तमाम आधुनिक सुविधाओं के बावजूद ढाबे की उस छवि को बरक़रार रखा जाएगा जो ढाबे की पहचान है.
रिलायंस का पहला ढाबा बहुत जल्दी गुजरात के वडोदरा शहर के निकट शुरू होने जा रहा है.
संभावना
विशेषज्ञों का मत है कि ढाबे के कारोबार में रिलायंस के कूद पड़ने के बाद इस क्षेत्र में बड़ी कंपनियों के बीच होड़ शुरू हो सकती है.
फ़िलहाल कुछ सरकारी तेल कंपनियों ने ऐसी शुरूआत की है लेकिन उनकी संख्या बेहद सीमित है.
लेकिन अभी भारत में जिस तरह से एक्सप्रेस हाईवे और मल्टीलेन हाईवे बनते जा रहे हैं उन्हें देखते हुए ढाबों के कारोबार में कमाई की प्रचुर संभावनाएँ नज़र आ रही हैं.