शनिवार, 18 जून, 2005 को 12:02 GMT तक के समाचार
वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उद्योग जगत ने रिलायंस के सौहार्दपूर्ण बँटवारे पर प्रसन्नता व्यक्त की है.
चिदंबरम ने कहा कि दोनों भाइयों के बीच स्वामित्व का विवाद सुलझ गया है. उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि दोनों भाई अपने पिता के साम्राज्य को आगे बढ़ाएँगे.
वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि दोनों एक समझौते पर पहुँच गए और उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों रिलायंस के लाखों शेयर धारकों के हितों का ध्यान रखेंगे.
यह पूछे जाने पर कि इस विवाद के दौरान लगे आरोपों की जाँच होगी, तो उनका कहना था कि अब समझौता हो गया है और अब पुरानी बातों का अस्तित्व नहीं रह जाता है.
चिदंबरम का कहना था कि पुरानी बातों का अब अस्तित्व नहीं रह जाता है.
उद्योग जगत की प्रतिक्रिया
उद्योग जगत ने इस समझौते पर खुशी व्यक्त की है.
बजाज ऑटो के चेयरमैन राहुल बजाज ने कहा,'' मैं प्रसन्न हूँ. दोनों प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं और यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि दोनों के मतभेद सार्वजनिक हो गए थे.''
राहुल बजाज अंबानी बंधुओं के पारिवारिक मित्र रहे हैं और उनसे विवाद सुलझाने में सलाह मशविरा भी किया गया था.
तीनों उद्योग संगठनों फिक्की, सीआईआई और एसोचैम ने इसका स्वागत किया है.
फिक्की के अध्यक्ष ओंकार कंवर ने कहा कि मुकेश और अनिल अंबानी के समझौते से शेयरधारकों का भरोसा बढ़ेगा और शेयर बाज़ार में उछाल आएगा.
भारत के सबसे बड़े औद्योगिक घराने रिलायंस समूह में मालिकाना हक़ को लेकर अंबानी बंधुओं मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के बीच पिछले कुछ महीनों से चल रहा विवाद ख़त्म हो गया है.
इस संबंध में जारी बयान में कहा गया है कि रिलायंस समूह को लेकर सभी मुद्दे सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझा लिए गए हैं.