शनिवार, 04 जून, 2005 को 13:21 GMT तक के समाचार
कपड़ा व्यापार पर विवाद को हल करने के लिए अमरीका और चीन के व्यापार प्रतिनिधियों ने बीज़िंग में मुलाक़ात की है.
जनवरी में कोटा प्रणाली के ख़त्म होने के बाद चीन के कपड़ा निर्यात में आई बढ़ोत्तरी के कारण दोनों देशों में विवाद पैदा हो गया था.
अमरीका ने कई सामानों के आयात पर रोक लगा दी जिसके कारण चीन को 80 से ज़्यादा वस्तुओं पर से निर्यात शुल्क हटा लिया.
अमरीका का कहना है कि चीन की मुद्रा युआन डॉलर के मुक़ाबले काफ़ी कमज़ोर है. इसके अलावा अमरीका यह भी चाहता है कि चीन अपने यहाँ होने वाली कई सामानों की नकल रोके.
इस साल के शुरू तक दुनियाभर में कपड़े का व्यापार 30 साल पुराने एक समझौते के आधार पर होता था जिसके तहत हर देश के लिए आयात कोटा तय किया गया था.
लेकिन इस कोटा व्यवस्था की समाप्ति के बाद चीन के निर्यात में ज़बरदस्त तेज़ी आई है. अमरीका और यूरोपीय संघ के देशों का कहना है कि वे चीन के साथ मुक़ाबला नहीं कर पा रहे.
आरोप
अमरीका और चीन में विवाद इसलिए भी बढ़ा है क्योंकि अमरीका लंबे समय से चीन पर ये आरोप लगाता रहा है कि वह जान-बूझकर अपनी मुद्रा का अवमूल्यन कर रहा है ताकि उसका निर्यात बढ़े.
बीजिंग से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अब दोनों देश ये समझने लगे हैं कि मंहगे व्यापार युद्ध में नुक़सान ही है.
उनका कहना है कि दोनों देशों में बातचीत तो अच्छी शुरुआत है लेकिन अभी भी लंबा रास्ता तय करना है.
शनिवार को अमरीका के वाणिज्य मंत्री कार्लोस गूटिएरेज़ ने चीन के व्यापार मंत्री बो शिलई से बातचीत की. बातचीत के बाद चीन के व्यापार मंत्री ने सकारात्मक संकेत दिए.
उन्होंने कहा, "चीन और अमरीका के बीच व्यापार ने पिछले 26-27 सालों में काफ़ी प्रगति की है. हम दोनों देशों को इसमें भी सक्षम होना चाहिए कि हम कपड़ा व्यापार और अन्य मुद्दों को हल करें."
अमरीकी वाणिज्य मंत्री गूटिएरेज़ ने कहा कि चीनी प्रतिनिधियों से उनकी मुलाक़ात अच्छी रही है. लेकिन उन्होंने इस बारे में अमरीका की चिंता से चीन को अवगत करा दिया.
चीन के व्यापार मंत्री ने अमरीका की इस बात के लिए आलोचना की कि उसने आयात पर कई तरह की पाबंदियाँ लगा दी हैं. उन्होंने कहा कि यह विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) के नियमों के ख़िलाफ़ है.