गुरुवार, 24 मार्च, 2005 को 09:30 GMT तक के समाचार
भारत के वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने घोषणा की है कि 21 राज्य एक अप्रैल से मूल्य संवर्धित कर यानी वैट लागू करने पर सहमत हो गए हैं.
साथ ही उन्होंने बाक़ी बचे राज्यों से जल्द ही इसे लागू करने का अनुरोध किया.
उत्तर प्रदेश और भाजपा शासित राज्यों ने इसे लागू न करने की घोषणा कर दी है.
चिदंबरम ने बताया कि वैट के लिए विशेषाधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष असीम दासगुप्ता ने जानकारी दी है कि 21 राज्य इसे लागू करने पर सहमत हो गए हैं.
उनका कहना था कि सभी राज्यों के लिए ऐतिहासिक मौक़ा है कि वे इसे लागू करें.
चिदंबरम का कहना था कि केंद्र किसी पर कुछ थोपेगा नहीं लेकिन उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अधिकांश राज्य इसे लागू कर देंगे.
नई प्रणाली
इस नए वैट ढाँचे के लागू होने से वे बहुत से कर समाप्त हो जाएंगे जो राज्य लागू करते हैं और उनकी जगह एक ही वैट लागू होगा जिससे पूरे कर ढाँचे की पेचीदगियाँ समाप्त हो जाएंगी.
वैट राज्यों के स्तर पर लागू किया जाएगा और इससे उम्मीद की जा रही है कि उद्योग निर्माण, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए मौजूदा कर ढाँचे के मुक़ाबले काफ़ी आसानी हो जाएंगी.
पी चिदंबरम का कहना है कि स्वतंत्र भारत में ऐसा कर सुधार अभी तक लागू नहीं हुआ है इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है.
इस ढाँचे के तहत दो कर रखे गए हैं - एक चार प्रतिशत और दूसरा 12.5 प्रतिशत.
चार प्रतिशत कर दवाइयों, कृषि और औद्योगिक माल जैसी बुनियादी ज़रूरत की चीज़ों पर लगेगा जबकि बाक़ी उन सभी चीज़ों पर 12.5 प्रतिशत कर लगेगा जो चार प्रतिशत ढाँचे से बाहर हैं लेकिन कर के दायरे में आती हैं.
हालाँकि शराब, लॉटरी टिकट, पैट्रोल, डीज़ल और कुछ अन्य वस्तुओं को वैट से बाहर रखा गया है.