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शुक्रवार, 11 मार्च, 2005 को 03:25 GMT तक के समाचार

मित्तल दुनिया में तीसरे बड़े अमीर

प्रतिष्ठित अमरीकी पत्रिका फोर्ब्स ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की इस वर्ष की सूची जारी कर दी है, भारतीय मूल के ब्रितानी उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल इस सूची में तीसरे नंबर पर हैं.

माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स लगातार ग्यारहवें वर्ष अमीरों की सूची में अव्वल नंबर पर रहे हैं, उनके बाद नंबर आता है नामी-गिरामी निवेशक वारेन बफ़ेट का.

लक्ष्मी मित्तल ने पिछले वर्ष अपनी कुल संपदा में 18 अरब डॉलर से अधिक की बढ़ोतरी की, इस तरह वे चमत्कारी ढंग से सूची में टॉप थ्री में जा पहुँचे, उन्होंने आईकिया के मालिक इंगवार केम्पार्ड और अमरीकी सुपरस्टोर वालमार्ट के मालिक रॉबसन वाल्टन तक को पीछे छोड़ दिया.

फोर्ब्स का कहना है कि लक्ष्मी मित्तल जिस तरह से उभरे हैं वह बहुत ही प्रभावशाली है, पिछले वर्ष तक वे दुनिया के पचास सबसे अमीर लोगों में भी नहीं थे.

राजस्थान में जन्मे 54 वर्षीय मित्तल की कुल संपदा 25 अरब डॉलर आँकी गई है यानी लगभग 1250 अरब रूपए.

साम्राज्य

लक्ष्मी मित्तल इस समय दुनिया के सबसे बड़े इस्पात उत्पादक औद्योगिक समूह के मालिक हैं और पिछले वर्ष ही उन्होंने अमरीका की एक बड़ी इस्पात कंपनी का अधिग्रहण किया है.

बिल गेट्स पहले नंबर पर बने हुए हैं

पत्रिका का कहना है कि मित्तल की क़िस्मत पिछले वर्ष बहुत ही अच्छी रही, दुनिया में उन्होंने इस्पात का अपना साम्राज्य ऐसे समय में बढ़ाया जबकि विश्व बाज़ार में स्टील की क़ीमतें बढ़ी हैं.

मित्तल की कंपनी, मित्तल स्टील ने पिछले वर्ष अपने मुनाफ़े में तीन गुना वृद्धि की, उन्होंने लगभग 22 अरब डॉलर का कारोबार करके तकरीबन पौने पाँच अरब डॉलर का लाभ कमाया.

इस समय मित्तल की कंपनी में एक लाख पैंसठ हज़ार लोग काम करते हैं, उनके सबसे अधिक कर्मचारी कज़ाकस्तान में हैं जिनकी संख्या पचास हज़ार के करीब है.

दुनिया के 20 से अधिक देशों में उनका कारोबार है और उनकी कंपनियों की कुल उत्पादन क्षमता दुनिया भर में सबसे अधिक, लगभग छह करोड़ टन इस्पात की है.

पहले नंबर पर रहने वाले बिल गेट्स की कुल संपत्ति लगभग 46 अरब डॉलर है, वे पहले नंबर पर तो हैं लेकिन उनकी कुल संपत्ति में इस वर्ष मामूली कमी आई है.

बिल गेट्स से ज़रा ही पीछे हैं हैथवे इनवेस्टमेंट के मालिक वारेन बफ़ेट जिनकी कुल संपत्ति 44 अरब डॉलर के करीब है.

हर वर्ष अरबपतियों की सूची जारी करने वाली फोर्ब्स पत्रिका का कहना है कि दुनिया भर में छह सौ इक्यानवे अरबपति हैं जो दुनिया के 27 देशों में रहते हैं, जिनमें से सबसे अधिक अमरीकी नागरिक हैं.

इनमें से अड़सठ महिलाएँ हैं, कुल छह सौ इक्यानवे में से लगभग आधे लोग ऐसे हैं जिन्होंने अपना साम्राज्य खुद खड़ा किया है जबकि बाक़ी लोगों को यह विरासत में मिला है.

अमीर बनने का पढ़ाई-लिखाई से कोई ख़ास ताल्लुक नहीं दिखता, अरबपतियों में से 18 तो ऐसे हैं जिन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई बीच में छोड़ दी.