सोमवार, 28 फ़रवरी, 2005 को 01:17 GMT तक के समाचार
वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने 2005-06 के बजट में आयकर छूट का दायरा बढ़ाकर मध्यम वर्ग को राहत दी है.
अब एक लाख रूपए की आय तक पर कर नहीं लगेगा.
चिदंबरम ने बजट में ग्रामीण क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी है और आम आदमी तथा किसानों का विशेष ध्यान रखा गया है.
यह केंद्र में सत्तारुढ़ यूपीए सरकार का दूसरा बजट है.
राष्ट्रीय न्यूनतम साझा कार्यक्रम का हवाला देते हुए वित्तमंत्री चिदंबरम ने सबको शिक्षा और रोज़गार का अपना वादा दोहराया है.
उन्होंने निर्माण क्षेत्र को प्राथमिकता देने की घोषणा भी की है.
उन्होंने घोषणा की है कि एक दिन में बैंक से दस हज़ार रुपयों से अधिक नकद निकालने पर टैक्स देना होगा.
इस बजट में लगाए गए पेट्रोल और डीज़ल पर सेस लगाया गया है हालांकि इससे बजट की क़ीमत नहीं बढ़ेगा. वहीं टैक्स में छूट के कारण एयरकंडीशनर, टायर और पॉलिस्टर सस्ते हो जाएँगे.
रक्षा बजट में इस बार आठ प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है.
भारत निर्माण
वित्तमंत्री ने गाँवों के विकास के लिए एक 'भारत निर्माण परियोजना' की घोषणा की है.
यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में ढाँचागत सुविधाओं के निर्माण के लिए बनाई गई है.
इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाएँ बढ़ाने, सड़कें बनाना, ग़रीबों के लिए मकान बनाना, पेयजल सुविधा, बिजली और टेलीफ़ोन सुविधा देने को प्राथमिकता दी जाएगी.
यह परियोजना पंचायती राज के ज़रिए लागू की जाएगी.
बेरोज़गारी और ग़रीबी
बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री चिदंबरम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विभिन्न योजनाओं के तहत ग़रीबी ख़त्म करना और रोज़गार के अवसर पैदा करना है.
उन्होंने कहा कि काम के बदले अनाज योजना का विस्तार किया जा रहा है.
इसके लिए पिछले साल 4020 करोड़ रुपए था जिसे बढ़ाकर अब 11 हज़ार करोड़ कर दिया गया है.
इसी तरह अंत्योदय योजना का विस्तार करके 2.5 करोड़ परिवार को इसके तहत लाया गया है.
स्कूलों में दिए जा रहे मध्यान्ह भोजन योजना के लिए आबंटन बढ़ा दिया गया है.
रोज़गार बढ़ाने के लिए उन्होंने टेक्सटाइल उद्योग को विशेष रियायतें देने की घोषणा की है.
इसके अलावा खाद्य प्रसंस्करण और सूचना प्रोद्योगिकी योजना को प्राथमिकता देने की भी घोषणा की गई है.
आयकर और सेवाकर
वित्तमंत्री चिदंबरम ने एक लाख रुपए तक की आय को कर मुक्त करने की घोषणा की है.
उन्होंने चार नए कर ब्रैकेटों की घोषणा की गई है और बचत के संबंध में नए प्रस्तावों की घोषणा की हैं.
इसके अनुसार अब अलग-अलग योजनाओं में बचत पर मिलने वाली छूट को बदल कर अब एक लाख की बचत पर सीधे छूट देने की घोषणा की गई है. जिसका आकलन कर से पहले किया जाएगा.
महिलाओं के लिए सवा लाख रुपयों तक की आय कर से मुक्त होगी जबकि बुजुर्गों के लिए यह सीमा डेढ़ लाख रुपए होगी.
वित्तमंत्री ने घोषणा की है कि जिस व्यक्ति की आय चार लाख रुपए वार्षिक तक होगी उन्हें सेवाकर नहीं देना होगा.
उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे 80 प्रतिशत लोग सेवाकर के दायरे से बाहर हो जाएँगे.
रक्षा बजट बढ़ा
वित्तमंत्री चिदंबरम ने 2005-06 के लिए रक्षा बजट में आठ प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने की घोषणा की है.
इसके बाद अब रक्षा के लिए बजट में 83,000 करोड़ रुपए का प्रावधान हो गया है. पिछले साल यह बजट 77,000 करोड़ रुपए का था.
पिछले साल रक्षा बजट में 18 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी की गई थी.
वित्तमंत्री चिदंबरम ने इस बात पर ख़ुशी ज़ाहिर की है कि पिछले साल का खर्च बजट के भीतर ही रहा है.
इसमें से 34, 375 करोड़ रुपए का प्रावधान पूंजीगत व्यय के किया गया है जिसे सेना के आधुनिकीकरण पर खर्च किया जाएगा.
पेट्रोल और डीज़ल पर सेस
वित्तमंत्री चिदंबरम ने पेट्रोल और डीज़ल पर 50 पैसे सेस (अतिरिक्त अधिभार) लगाने की घोषणा की है.
उन्होंने कहा कि इससे मिलने वाली आय को नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट के लिए दिया जाएगा.
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस राशि का उपयोग केवल राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में किया जाएगा.
वैसे वित्तमंत्री चिदंबरम ने पेट्रोलियम पदार्थों पर उत्पाद शुल्क कम करने की भी घोषणा की है इसलिए सेस लगाने से पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमत नहीं बढ़ेगी.
छात्रों को सुविधाएँ
वित्तमंत्री चिदंबरम ने छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओँ का विस्तार करने की घोषणा भी की है.
इसमें उच्चशिक्षा के लिए दिए जाने वाले ऋण में बढ़ोत्तरी शामिल है.
वित्तमंत्री ने अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों के लिए राजीव गाँधी नेशनल फ़ैलोशिप की घोषणा की है.
इस योजना के तहत हर साल 2000 फ़ैलोशिप दी जाएगी.
इसके तहत छात्रों को ट्यूशन फ़ीस के अलावा, रहने-खाने और किताब-कंप्यूटर आदि का खर्च दिया जाएगा.