अगली सरकार के स्वरूप को लेकर एक्ज़िट पोल की भविष्यवाणी के बाद भारतीय शेयर बाज़ार औंधे मुँह गिरा है.
सोमवार को तीसरे चरण के मतदान के बाद एक्ज़िट पोल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को नुक़सान होने की बात कही गई थी.
सरकार के गठन को लेकर अनिश्चितता के इस संकेत के बाद शेयर बाज़ार में क़रीब साढ़े तीन प्रतिशत की गिरावट आई है.
पिछले तीन साल में यह सबसे बड़ी गिरावट है. बाज़ार में आर्थिक सुधारों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ी है.
रुपए की क़ीमत पर भी इसका असर पड़ा है और डॉलर के मुक़ाबले इसमें 10 पैसे की गिरावट आई है.
भारी गिरावट
मुंबई शेयर बाज़ार का सूचकांक क़रीब साढ़े तीन प्रतिशत यानी 213 अंक नीचे गिरा जब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ़्टी 75 अंक लुढ़का.
जानकारों का कहना का शेयर बाज़ार में बिकवाली का यह दौर सोमवार को एक्ज़िट पोल आने के बाद शुरू हुआ जिनमें राजग की अगली सरकार बनने के बारे में अनिश्चय की बात कही गई है.
हालाँकि 20 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के बाद शेयर बाज़ार में उछाल आई थी क्योंकि उस समय राजग सरकार के ख़िलाफ़ ऐसे संकेत नहीं थे.
हालाँकि एक्ज़िट पोल के पूरी तरह सही होने के बारे में हमेशा से सवाल उठते रहे हैं लेकिन शेयर बाज़ार में इसके संकेतों पर उतार-चढ़ाव होते रहे हैं.
शेयर दलालों का कहना है कि एक्ज़िट पोल में त्रिशंकु संसद की भविष्यवाणी की जा रही है और इससे बाज़ार में नकारात्मक प्रतिक्रिया हुई है.
शेयर दलाल सुशील चोकसे ने कहा कि 13 मई को चुनाव के परिणाम आने तक बाज़ार में और भी गिरावट आ सकती है.