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ओएनजीसी के शेयरों के लिए भारी उत्साह

भारत की सरकारी तेल कंपनी ओएनजीसी ने पहली बार पूँजी बाज़ार में अपने शेयर उतारे हैं.

शुक्रवार को भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनी के 10 प्रतिशत शेयरों को बेचने की प्रक्रिया शुरू हुई.

निवेशकों में शेयर ख़रीदने के लिए ज़बरदस्त उत्साह देखा गया और देखते-ही-देखते सारे शेयरों की ख़रीद के लिए अर्जियाँ आ गईं.

शेयरों की बिक्री की प्रक्रिया शुरू होने के 11 मिनट के भीतर ही ये अर्ज़ियाँ आ गईं.

बिक्री के लिए उपलब्ध शेयरों की संख्या 14 करोड़ 27 लाख है जबकि बोलियाँ 15 करोड़ 30 लाख शेयरों के लिए लगाई गई हैं.

शेयरों की कीमतें प्रति शेयर 680 रूपए से लेकर 750 रूपए तक रखी गई हैं और इनकी ख़रीद के लिए अर्जी देने की अंतिम तारीख़ 13 मार्च है.

विनिवेश

भारत सरकार ने ओएनजीसी के शेयरों की बिक्री से 10,000 करोड़ रूपए जुटाने का लक्ष्य रखा है.

ओएनजीसी के शेयरों की बिक्री भारत सरकार की विनिवेश प्रक्रिया के लिए मददगार साबित हो सकती है जिसके तहत सरकार 14,000 करोड़ रूपए जुटाना चाहती है.

पिछले पखवाड़े में भारत सरकार ने छह सरकारी कंपनियों के शेयर बाज़ार में उतारने का एलान किया था.

मगर पहली पाँच कंपनियों को लेकर निवेशकों में आरंभ में उत्साह की कमी थी और इस कारण ओएनजीसी के शेयरों के बारे में एक आशंका जताई जा रही थी.

लेकिन ओएनजीसी के शेयरों के लिए निवेशकों में शुरू से ही उत्साह दिखाई दिया है.

ओएनजीसी

ओएनजीसी भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनी है.

भारत के कुल कच्चे तेल के उत्पादन में इसकी भागीदारी 77 प्रतिशत है और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में इसका योगदान 81 प्रतिशत है.

2002-2003 में कंपनी ने 10,529 करोड़ रूपए का लाभ अर्जित कर रिकॉर्ड बनाया था.