मंगल ग्रह को लेकर जो नई उत्सुकता जागी है उसे बाजार में भुनाने की कोशिश शुरु हो गई है.
मंगल को भेजे गए यान स्पिरिट और अपॉर्चुनिटी के मॉडलों के लिए बाक़ायदा लाइसेंस बेचे गए हैं ताकि उनके खिलौने बनाकर बेचे जा सकें.
अमरीकी अंतरिक्ष केंद्र के लिए काम करने वाली एक प्रयोगशाला ने मंगल को भेजे गए स्पिरिट रोवर की डिज़ाइन को पेटेंट कर दिया गया है.
डेनमार्क की खिलौने बनाने वाली कंपनी 'लेगो' सबसे पहले स्पिरिट रोवर की डिज़ाइन पर खिलौना बना रही है.
नासा ने अमरीका में रेस्तराँ चलाने वाली कंपनी के साथ भी एक समझौता किया है जो इस अंतरिक्ष यान का खिलौना बनाकर उसे खाने के साथ बच्चों को मुफ़्त देने की योजना बना रही है.
दो रोवर यान, स्पिरिट और अपॉर्चुनिटी बनाने वाली कैलिफ़ोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलॉजी (कालटेक) का कहना है कि उन्होंने अब तक तीन समझौते किए हैं और वे तीन और समझौतों की उम्मीद कर रहे हैं.
हालांकि कालटेक ने यह नहीं बताया है कि वे इससे कितनी राशि की उम्मीद कर रहे हैं लेकिन उन्होंने कहा है कि वे आधी राशि शिक्षा कार्यक्रम को दे देंगे और आधी कालटेक के शोध कार्यक्रम में लगाएंगे.
कालटेक के सहायक निदेशक फ़्रेडरिक फ़रीना का कहना है, ''हम इसका उपयोग व्यावसायिक फ़ायदे के लिए कम, प्रचार के लिए ज़्यादा कर रहे हैं.''
'लेगो' का कहना है कि कालटेक ने जो डिज़ाइन दी है उसके आधार पर 858 खिलौने बनाए गए हैं और हर खिलौने की क़ीमत 89.99 डॉलर रखी गई है.
इसके लिए लाइसेंस लेने वाली तीसरी कंपनी संग्रहालयों में रखने के लिए मॉडल बना रही है.