मुंबई शेयर बाज़ार ने गुरुवार को नई ऊँचाई हासिल की और वह 5915 अंक तक पहुँच गया.
बाज़ार विशेषज्ञ अब इसके छह हज़ार का अंक पार करने का इंतज़ार कर रहे हैं.
इसके पहले 14 फरवरी,2000 को शेयर बाज़ार ने ये ऊँचाई हासिल की थी.
वर्ष 1999-200 में तकनीकी, मीडिया और टेलिकॉम क्षेत्र के शेयरों में तेज़ी थी लेकिन इस बार पुरानी जानी-मानी कंपनियाँ के शेयरों में तेज़ी का रुख़ है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार शेयर बाज़ार में विदेशी संस्थागत निवेशक के कारण तेज़ी का दौर आया है.
लगभग 500 विदेशी संस्थागत निवेशक विभिन्न क्षेत्रों के शेयरों में पैसा लगा रहे हैं.
भारतीय शेयर बाज़ार में पिछले कुछ दिनों से तेज़ी बनी हुई है.
इसकी वजह भारतीय अर्थव्यवस्था में मज़बूती मानी जा रही है.
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार एक खरब डॉलर से अधिक हो गया है.
भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार 19 दिसंबर,2003 को विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 100.25 अरब डॉलर था.
विशेषज्ञों का कहना है कि पूँजी निवेश, व्यापार से आने वाली विदेशी मुद्रा और अमरीकी डॉलर में आई कमज़ोरी के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचा है.
लगभग 13 साल पहले एक स्थिति आई थी कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इतना गिर गया था कि भारत के पास केवल 14 दिन के आयात के लिए ही विदेशी मुद्रा बची थी.