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सद्दाम की गिरफ़्तारी से शेयर बाज़ार उछले

इराक़ी नेता सद्दाम हुसैन की गिरफ़्तारी के बाद दुनिया भर के शेयर बाज़ार में उछाल आया है.

इस ख़बर के बाद डॉलर मज़बूत हुआ है और तेल और सोने की क़ीमतें गिरी हैं.

विश्लेषकों का कहना है कि ये तेज़ी इस बात पर निर्भर करेगी कि सद्दाम हुसैन की गिरफ़्तारी के बाद इराक़ में स्थिरता आती है या नहीं.

अमरीकी नेतृत्व वाली फ़ौजों पर इराक़ में हो रहे हमले के बाद से हाल के महीनों में निवेशकों का विश्वास डिग रहा था.

सद्दाम की गिरफ़्तारी का असर तुरंत दिखाई दिया और यूरोपीय स्टॉक बाज़ारों में मज़बूती आई है.

विश्लेषकों का कहना है कि यूरोपीय स्टॉक बाज़ार का भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है और दीर्घकालिक नहीं तो कम से कुछ समय के लिए तो ऐसा है ही.

मगर आर्थिक मामलों के मूलभूत सवाल अब भी बने हुए हैं कि अमरीकी व्यापार घाटा बढ़ रहा है जबकि अन्य लोगों की चेतावनी है कि इराक़ में सुरक्षा एक गंभीर मसला बना हुआ है.

आर्थिक मामलों के एक रणनीतिकार डैनियल बर्क का कहना है कि बाज़ार में इस तरह की ख़बरों के बाद उछाल तो आता ही है मगर ये उछाल पाँच प्रतिशत तक नहीं जाएगा.

उनका कहना था कि इस गिरफ़्तारी के बाद पुलिस स्टेशन के बाहर कार बम धमाके ने दिखा दिया है कि अभी सब कुछ ठीक नहीं हुआ है.

एशिया में भी उछाल

एशिया में जापान के निक्केई सूचकाँक में ज़बरदस्त उछाल देखा गया और ये उछाल जुलाई के बाद से सबसे बड़ा उछाल था.

डॉलर मज़बूत हुआ है और येन के साथ ही स्विस फ़्रैंक के मुक़ाबले भी डॉलर में मज़बूती आई है. विश्लेषकों के अनुसार अमरीकी व्यापार घाटा डॉलर पर भारी पड़ रहा है.

हालाँकि अधिकतर विश्लेषक यह तो मान रहे हैं कि अच्छा माहौल बना रहेगा मगर ये नहीं माना जा सकता कि ये असर काफ़ी दिन तक चलता ही रहेगा.

अब ये भी देखा जाएगा कि इराक़ी नेता की गिरफ़्तारी इराक़ के पुनर्निर्माण में अहम बिंदु साबित होती है या नहीं.

मार्च 2003 में इराक़ युद्ध शुरू होने के साथ ही अधिकतर शेयर बाज़ारों में ज़बरदस्त गिरावट दर्ज की गई थी.