रूस की प्रमुख तेल कंपनी सिबनेफ़्ट ने अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनी युकोस में अपने विलय से हाथ पीछे खींच लिए हैं.
विलय के बाद बनने वाली कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनी बन जाती.
इस ख़बर से रूसी शेयर बाज़ार में अफ़रातफ़री मच गई है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा लगता है कि इसके लिए युकोस कंपनी तैयार नहीं थी.
साथ ही कंपनी ये भी बताने को तैयार नहीं है कि गड़बड़ कहाँ हुई.
युकोस के पूर्व प्रमुख मिखाइल खोदोरकोवस्की जेल में बंद हैं.
उन्हें धोखाधड़ी और कर चोरी के आरोपों में गिरफ़्तार कर लिया गया है.
इस घटना का रूसी शेयर बाज़ार पर ज़बरदस्त प्रभाव पड़ा था और शेयरों के भाव काफ़ी नीचे चले गए थे.
गिरफ़्तारी का असर सत्ता के गलियारों में भी हुआ और रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के कार्यालय के सबसे बड़े अधिकारी अलेक्ज़ेंडर वोलोशिन ने इस्तीफ़ा दे दिया था.
सिबनेफ़्ट के वरिष्ठ शेयरधारी रोमन एब्रामोविच हैं.
उन्होंने हाल में ब्रिटेन का चेलसी फ़ुटबॉल क्लब ख़रीदा है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि एक संभावना ये लगती है कि एब्रामोविच दबाव की वजह से इस सौदे से पीछे हट गए.