दक्षिण कोरिया के सबसे आक्रामक श्रमिक संगठन ने देशव्यापी हड़ताल बुलाई है.
कोरियाई श्रमिक संगठनों के परिसंघ ने दावा किया है कि उसके साढ़े छह लाख सदस्यों में से डेढ़ लाख सदस्य काम पर नहीं गए हैं.
इसके कारण बुधवार को 120 कारखानों या दफ़्तरों में कामकाज प्रभावित हुआ है.
श्रम मंत्रालय के अनुसार एक तिहाई से भी कम श्रमिकों ने हड़ताल में भाग लिया है.
विभिन्न श्रमिक संगठनों ने राजधानी सोल में एक विरोध मार्च आयोजित करने की भी योजना बनाई है.
श्रमिक संगठन उन क़ानूनों को निरस्त करने की माँग कर रहे हैं जो कि प्रबंधन को मज़दूरों के वेतन पर रोक लगाने और अनधिकृत हड़तालों के लिए उन पर मामले चलाने की छूट देते हैं.
बुधवार की हड़ताल से पहले श्रमिकों ने पिछले सप्ताह आधे दिन की विरोध कार्रवाई में भाग लिया था.
सप्ताहांत के दौरान तब कई जगह श्रमिकों और दंगा पुलिस के बीच झड़पें हुई थीं.
जनजीवन सामान्य
हालाँकि ताज़ा हड़ताल से सामान्य जनजीवन पर उतना असर नहीं पड़ा है जैसा कि आशंका जताई जा रही थी.
हड़ताल में रेल मज़दूरों के शामिल होने के बावजूद राजधानी सोल और इंकन बंदरगाह क्षेत्र में यातायात में कोई बाधा नहीं पड़ी है.
ह्यून्दई मोटर कारखानों में मज़दूरों ने दिन भर के बजाय चार घंटे की हड़ताल का ही फ़ैसला किया है.