इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सोनी अपने 20 हज़ार कर्मचारियों की छंटनी कर रही है.
सोमवार को कंपनी ने घोषणा की कि यह छंटनी अगले तीन वर्षों में की जाएगी.
जापान में काम करनेवाले लगभग सात हज़ार कर्मचारी इस फ़ैसले से प्रभावित होंगे.
लेकिन सोनी ने ये नही बताया कि और नौकरियाँ किन देशों में कम होंगी.
दुनिया भर में सोनी में लगभग 154,500 कर्मचारी काम करते हैं.
एक अन्य महत्वपूर्ण फ़ैसले में कंपनी ने फ्लैट-स्क्रीन टीवी बनाने के लिए अपनी प्रतिस्पर्द्धी कंपनी सैमसंग से हाथ मिला लिया है.
महत्वपूर्ण फ़ैसला
जानकार सोनी के इस फ़ैसले को बहुत महत्वपूर्ण बता रहे हैं.
उनका कहना है कि कंपनी बुरे समय में भी नौकरियों में कटौती करने से बचती रही है.
जबकि उसकी अन्य प्रतिस्पर्द्धी जापानी कंपनियाँ जैसे तोशीबा, एनईसी और फुजित्सु ने पहले ही नौकरियों में कटौती की घोषणाएँ कर दी थीं.
पिछले कुछ वर्षों में बढ़ती प्रतिस्पर्द्धा का सीधा असर के सोनी के लाभ पर पड़ा है.
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के क्षेत्र में उसे दक्षिण कोरिया की सैमसंग से मुक़ाबला करना पड़ रहा है, जबकि कंप्यूटर के क्षेत्र में उसे अमरीकी कंपनी डेल से जूझना पड़ रहा है.
इसके अलावा वीडियो गेम के क्षेत्र में उसका मुक़ाबला जापान की निन्टेंडो और माइक्रोसोफ़्ट के एक्स-बॉक्स से है.
इसके कारण कंपनी को अपने उत्पादों की कीमतों में कमी करनी पड़ी.
इस साल अप्रैल और जून के बीच सोनी के शुद्ध लाभ में 98 प्रतिशत की गिरावट आ गई थी.
अगली तिमाही में ये 25 प्रतिशत और गिर गया और ये 30 करोड़ 40 लाख डालर रह गया.
प्रतिस्पर्द्धा
विशेषज्ञों का मानना है कि सोनी के वाकमैन जैसे उत्पादों से एक ग्लैमरस छवि बनी थी जिसने युवा पीढ़ी को आकर्षित किया था.
लेकिन टीवी और कंप्यूटर के क्षेत्र में कंपनी इसमें सफल नहीं हो पाई.
विशेषज्ञ मानते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में चलन बहुत तेज़ी से बदलता है और कुछ समय बाद महंगे उत्पाद भी प्रचलन से हट जाते हैं और उन्हें सस्ता बेचना पड़ता है.
इसके अलावा कंपनी को घरेलू बाज़ार में भी कड़ी प्रतिस्पर्द्धा का सामना करना पड़ रहा है.
सोनी को लिक्विड क्रिस्टल डिस्पले टीवी के क्षेत्र में शार्प कॉरपोरेशन से कड़ी टक्कर मिल रही है.
इस तरह के टीवी का दुनियाभर में चलन बढ़ रहा है.
दूसरे उसे पैनासॉनिक ब्रांड बनानेवाली मत्सुशीता से डीवीडी के क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्द्धा का सामना करना पड़ रहा है.