भारतीय रिज़र्व बैंक ने प्रवासी भारतीयों की जमा राशि पर ब्याज दर की अधिकतम सीमा में फिर से बदलाव किए हैं.
बैंक ने कहा है कि प्रवासी भारतीयों की भारत में मियादी जमा राशि पर ब्याज दर अब अमरीकी डॉलर के लिए लंदन इंटर बैंक ऑफ़र्ड रेट यानी लिबोर से 0.25 प्रतिशत ऊपर होगी जोकि अब तक एक प्रतिशत ऊपर होती थी.
प्रवासी भारतीयों के एनआरई अकाउंट में जमा की जाने वाली राशि पर ब्याज दर पर इसी वर्ष जुलाई में अधिकतम सीमा की समीक्षा की गई थी.
उसके बाद 15 सितंबर को रिज़र्व बैंक ने एनआरई अकाउंट में जमा राशि पर ब्याज दर लिबोर से एक प्रतिशत ऊपर की हद बाँध दी थी.
अब इसे घटाकर 0.25 प्रतिशत कर दिया गया है.
बैंक ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि प्रवासी भारतीयों की जमा राशियों पर ब्याज दरों में स्थिरता लाने के मक़सद से इन दरों को 17 जुलाई को अमरीकी डॉलर के लिए लिबोर से जोड़ दिया गया था.
उस समय ब्याज दर लिबोर से ढाई प्रतिशत ज़्यादा रखी थी लेकिन 15 सितंबर को इसे घटाकर एक प्रतिशत कर दिया गया था.
"अब समीक्षा के बाद फ़ैसला किया गया है कि 18 अक्तूबर को समाप्त हुए कारोबारी दिन तक जमा हुई मियादी जमा राशियों पर ब्याज दर लिबोर से 0.25 प्रतिशत से ज़्यादा नहीं होगी."
बैंक ने कहा है कि प्रवासी भारतीयों की जमा राशियों के लिए मियाद एक से तीन साल बनी रहेगी और अगर यह मियाद तीन साल से ऊपर बढ़ाई जाती है तो नई ब्याज दर उस पर भी लागू होगी.