विश्व व्यापार संगठन की कैनकुन में ठप्प हुई बैठक के बाद, कृषि और अन्य क्षेत्रों के मुद्दों पर आम सहमति बनाने के लिए प्रयास हो रहे हैं.
विकासशील देश इस विषय में आपस में चर्चा कर रहे हैं जिसके बाद व्यापक चर्चा जिनेवा में होगी.
जहाँ दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति थाबो एम्बेकी भारत की यात्रा पर हैं, वहीं ब्राज़ील के नेता लुइस इनाशियो लूला द सिल्वा अर्जेंटीना जाने वाले हैं.
उम्मीद की जा रही है कि इन नेताओं की चर्चा से कैनकुन में अधूरे छूटे मुद्दों को हल करने में मदद मिलेगी.
कड़ा रुख
कृषि उत्पादों के मामले को लेकर विश्व व्यापार संगठन की कैनकुन बैठक में विकासशील देशों का जी-20 समूह काम कर रहा था.
ये चारों देश उस समूह के सबसे महत्वपूर्ण सदस्यों में से हैं.
जी-20 ग्रुप ने कैनकून में कृषि और कृषि उत्पादों के मामले में कड़ा रुख अपनाया था.
इस विरोध के चलते कैनकुन में कोई सहमति नहीं बन पाई थी.
नई बातचीत
विश्व व्यापार संगठन यानी डब्लूटीओ के सदस्य देशों ने संगठन के मुख्यालय जिनेवा में बातचीत शुरु करने के लिए हामी भरी है.
माना जा रहा है कि आपस में बातचीत करने के बाद जी-20 देश इसमें अपने विचार रखेंगे.
इस बातचीत में चार मुख्य विषय होंगे और इसकी शुरुआत कृषि से होगी.
कृषि क्षेत्र में भारत, दक्षिण अफ़्रीका, अर्जेंटीना और ब्राजील की रुचि है.
हालांकि इस विषय पर सहमति बहुत कठिन नज़र आती है.
यूरोपीय संघ पहले भी कह चुका है कि वह सब्सिडी में अधिकतम कटौती कर चुका है.
जापान का कहना है कि वह अपने कृषि बाज़ार को और नहीं खोल सकता ख़ासकर चावल के मामले में जहाँ उत्पादकों के हितों को देखते हुए कीमतें पहले ही बहुत अधिक रखी गई हैं.
अमरीका का कहना है कि वह परिवर्तनों के लिए तैयार है बशर्ते कि विकासशील देश भी इसके लिए तैयार हों.