भारत सरकार अलगाववादियों की धमकी के बाद चाय बागानों की सुरक्षा के लिए सेना तैनात करने जा रही है.
ये सुरक्षा व्यवस्था 15 चाय बागानों को उपलब्ध कराई जाएगी.
सरकार ने ये फ़ैसला हिंदुस्तान लीवर की इस शिकायत के बाद उठाया है कि उन्हें अलगाववादियों से लगभग ढाई करोड़ रुपए अदा करने की धमकी मिली है.
कंपनी ने ये रकम देने से मना कर दिया है.
स्थानीय प्रशासन ने पहले ही सुरक्षाबलों को कंपनी के चाय बागानों पर तैनात कर दिया है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सरकार ने सेना तैनाती का क़दम विदेशी निवेश को ध्यान में रख कर उठाया है.
तेरह साल पहले हिंदुस्तान लीवर ने अपने दस अधिकारियों और उनके परिवारों को ऐसी ही धमकी के बाद असम से हटा लिया था.
चाय उत्पादन
भारत दुनिया का सबसे बड़ा चाय उत्पादक है और एक अनुमान के अनुसार, दुनिया में पी जाने वाली चाय की हर तीसरी प्याली भारतीय चाय की होती है.
लेकिन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय माँग में कमी के कारण भारतीय चाय उद्योग को पिछले चार साल से मंदी का सामना करना पड़ रहा है.
पिछले तीन सालों में चाय के दामों में भारी गिरावट देखने को मिली है.
भारत की चाय महँगी मानी जा रही है उसे सस्ती चाय उत्पादन करनेवाले देशों जैसे कि इंडोनेशिया और वियतनाम से टक्कर लेनी पड़ रही है.