सूखे की मार झेल रहे हैं ये बच्चे, जिनके पास ना पढ़ने को पैसे हैं और ना ही खाने को
इस साल, सूखे के कारण कई इलाक़ों में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
इन इलाक़ों के कई बच्चों के पास ना तो खाने के लिए पैसे हैं और ना ही पढ़ाई पूरी करने के लिए.

ज्योत्स्ना पहली बार अपने घर से दूर, पढ़ाई करने गई हैं. बेहतर शिक्षा के लिए उन्होंने अपना घर छोड़ दिया. वो पुणे के फ़रग्यूसन कॉलेज में में पढ़ रही हैं. वो 12वीं कक्षा में हैं.
उनके छोटे भाई-बहन, दादी-दादा और उनकी मां बीड में उनके पैतृक घर पर ही रहती हैं. कुछ सालों पहले ही उनके पिता का निधन हो गया.
उनके निधन के बाद ज्योत्सना की मां ने अकेले पूरे घर की ज़िम्मेदारी उठा ली. खेती-किसानी से मिलने वाली छोटी सी आय में, बहुत मुश्किल से वो घर के सारे खर्च चलाती हैं.
लेकिन इस साल, सूखे के कारण बमुश्किल ही उनके खेत में कोई पैदावार हो सकी है. लेकिन इन परिस्थियों से जूझने वाली वो अकेली नहीं हैं.
रिपोर्ट - प्राची कुलकर्णी
शूट- नितिन नागरकर
एडिट- शरद बढ़े
प्रोड्यूसर- प्राजक्ता धुलुप
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