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मुज़फ़्फ़रनगर दंगों के दस साल बाद पलायन, पीड़ा और आरोपों की कहानी
आज से दस साल पहले सितंबर 2013 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले के एक गांव में मुसलमान और हिंदू युवकों की हत्या के बाद सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था.
इस के नतीजे में बड़े पैमाने पर दंगे हुए थे. इन दंगों में 60 से अधिक लोग मारे गए थे जिनमें हिंदू और मुसलमान दोनों थे. हज़ारों लोगों ने अपने गांव से पलायन कर दिया, जो वापस नहीं लौटे.
मुज़फ़्फरनगर दंगों का असर भारत की राजनीति पर भी हुआ. भारतीय जनता पार्टी केंद्र और राज्य की सत्ता में आई, लेकिन जिन लोगों के घर उजड़े, जिन्होंने अपनों को खोया वो पीड़ा के अंतहीन चक्र में उलझ कर रह गए.
बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा की रिपोर्ट
वीडियोः शाहनवाज़ अहमद
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