टेस्ला के कार बिज़नेस को चीनी कंपनी शाओमी टक्कर देने की कर रही तैयारी

शाओमी की नई कार

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    • Author, मारिको ओई और पीटर हॉस्किन्स
    • पदनाम, बीबीसी बिज़नेस संवाददाता
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स्मार्टफ़ोन बनाने वाली चीनी कंपनी शाओमी ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च कर दी है और उसने इसके ऑर्डर लेना भी शुरू कर दिया है.

एक कार्यक्रम में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ली जुन ने कहा कि कंपनी की स्टैंडर्ड एसयू7 मॉडल की क़ीमत 215,900 युआन (29,872 अमेरिकी डॉलर) और मैक्स वर्जन की कीमत 299,900 युआन होगी.

कंपनी का कहना है कि उसे अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करने के 27 मिनट के भीतर 50 हज़ार ऑर्डर मिले हैं.

शाओमी ने इलेक्ट्रिक कार मार्केट में ऐसे वक्त एंट्री की है जब वैश्विक स्तर पर कारों की बिक्री कम हो रही है, जिससे कीमतों को लेकर एक नया कंपीटिशन शुरू हो गया है.

माना जा रहा है कि इस फ़ैसले के साथ शाओमी इलेक्ट्रिक कार बाज़ार में पहले से खिलाड़ी रहे टेस्ला और बीवाईडी के साथ कंपीटिशन करने की कोशिश कर रहा है. चीन में टेस्ला के मॉडल 3 की शुरुआती क़ीमत 245,900 युआन है.

शाओमी के एसयू7 की तुलना पॉर्शे की टेकैन और पानामेरा से की जा रही है.

एसयू7 की खास बातें

ली जुन

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ली जुन ने ये भी कहा कि एसयू7 एक बार चार्ज करने पर क़रीब 700 किलोमीटर तक चल सकेगी. ये टेस्ला की मॉडल 3 से बेहतर है जो एक बार चार्ज पर 567 किलोमीटर तक चल सकती है.

कंपनी को उम्मीद है कि एसयू7 उसी ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करेगा जिसका इस्तेमाल उसके फ़ोन, लैपटॉप और दूसरे डिवाइस में किया जाता है. ये उसके उपभोक्ताओं को पसंद आएगा.

रीसर्च कंपनी काउन्टरपॉइन्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर दुनिया भर में समार्टफ़ोन बेचने वाली शाओमी तीसरी बड़ी कंपनी है. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में इसका हिस्सा 12 फ़ीसदी है.

बीते एक साल से कंपनी एसयू7 लॉन्च करने का इशारा कर रही थी. ऐसे में ज़ाहिर है कि इसकी तुलना पॉर्शे की टेकैन और पानामेरा स्पोर्ट्स कार मॉडल से की जा रही थी.

चुनौतियां और बढ़ती प्रतियोगिता

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शाओमी की इस नई कार का उत्पादन सरकार के स्वामित्व वाली बीएआईसी ग्रूप की एक फैक्ट्री में होगा. ये फैक्ट्री बीजिंग में है और कंपनी ने साल भर में कम से कम दो लाख कारें बनाने का लक्ष्य रखा है.

ऑटोमोबिलिटी से जुड़े बिल रूसो ने बीबीसी को बताया, "अब तक कंपनी जिस स्तर तक पहुंची है वो अपने आप में बड़ी कामयाबी है. लेकिन सबसे बड़ी कामयाबी तब होगी जब शाओमी इलेक्ट्रिक कार के बाज़ार में उपभोक्ताओं के बीच अपनी जगह बना पाएगी."

हालांकि तकनीकी कंपनियों के सामने इस क्षेत्र में चुनौतियों का संकेत इस बात से मिलता है कि आईफ़ोन बनाने वाली कंपनी एपल ने बीते महीने इलेक्ट्रिक कार बनाने की अपनी योजना को कैंसिल कर दिया है.

बिल रूसो का कहना है कि शाओमी का कार बाज़ार में कदम रखना ये बताता है कि कंपनी को चीन में "अपने ब्रांड पर पूरा भरोसा है" जबकि एपल को चीन के बाहर इस बाज़ार में कुछ अधिक संभावना नहीं दिखी.

शाओमी ने कहा है कि कंपनी आने वाले 10 सालों में इलेक्ट्रिक कार के बिज़नेस मे 10 अरब डॉलर का निवेश करेगी.

रायस्टैड एनर्जी नाम की रीसर्च कंपनी से जुड़े अभिषेक मुरली ने कहा है, "चीन में इलेक्ट्रिक कार का काफी परिपक्व है और इस कारण यहां एक स्थिर इकोसिस्टम बन गया है जिससे कार निर्माताओं को काफी मदद मिलती है."

"उदाहरण के लिए, यहां बैटरी सप्लाई चेन काफी मज़बूत है और इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती मांगों को देखते हुए बड़े स्तर पर चार्जिंग नेटवर्क बनाया गया है."

कार

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शाओमी की पहली कार ऐसे वक्त लॉन्च हुई है जब चीन में इस क्षेत्र में प्रतियोगिता बढ़ रही है.

हाल के महीनों में टेस्ला के अरबपति मालिक एलन मस्क ने चीन में अपनी कारों की कीमत कई हज़ार डॉलर कम कर दी हैं. इसका कारण ये है कि वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक इलेक्ट्रिक कार बेचने वाली कंपनी बीवाईडी ने यहां अपनी कार की कीमतें घटा दी हैं.

इलेक्ट्रिक कार के मामले में चीन दुनिया का सबसे बड़ा बाज़ार है. ऐसे में यहां नए खिलाड़ियों की बाढ़ रोकने की कोशिशों के बीच शाओमी उन चंद कंपनियों में से एक है जिसे अधिकारियों की तरफ से हरी झंडी मिली है.

इस बीच इसी सप्ताह बीवाईडी ने अपने सालाना प्रॉफिट में नया रिकॉर्ड दर्ज किया. हालांकि कंपनी ने ये भी कहा कि साल के आख़िर में गति थोड़ी धीमी पड़ गई थी.

वहीं शंघाई में मौजूद कार कंपनी नियो ने बुधवार को कहा कि अर्थव्यवस्था के विकास की दर में आती गिरावटके बीच उपभोक्ताओं ने अपना खर्च कम कर दिया है और माना जा रहा है कि इसका असर पहली तिमाही की बिक्री पर पड़ेगा.

अगले सप्ताह इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली अमेरिकी कंपनी टेस्ला भी जनवरी से मार्च के बीच के बिक्री के आंकड़े जारी करने वाली है.

लेकिन एक बात ये भी है कि ये ऐसा वक्त है जब दुनिया भर की सरकारें विदेश में बनी इलेक्ट्रिक कार का आयात कम करना चाहती हैं.

मंगलवार को चीन ने अमेरिका के इन्फ्लेशन रिडक्शन क़ानून के तहत "भेदभावपूर्ण सब्सिडी" का मुक़ाबला करने के लिए अमेरिका के ख़िलाफ़ विश्व व्यापार संगठन का दरवाज़ा खटखटाया है.

इस बीच, यूरोपीय संघ ने भी इस बात की जांच शुरू कर दी है कि क्या इलेक्ट्रिक कार के लिए दी जाने वाली चीनी सरकार की सब्सिडी ने देश में यूरोपीय-कंपनियों के बनाए मॉडलों की बिक्री कम करने में मदद की है.

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