भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया: चेन्नई की पिच पर पहले बल्लेबाज़ी करना फ़ायदेमंद या बाद में?

भारत और ऑस्टेलिया की टीम

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीम (फ़ाइल फ़ोटो)
    • Author, चंद्रशेखर लूथरा
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
  • प्रकाशित

रविवार को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में भारतीय क्रिकेट टीम विश्व क्रिकेट की तगड़ी टीम ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मुक़ाबले से वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत करेगी.

दोनों टीमों के बीच एक रोमांचक मुक़ाबले की उम्मीद की जा रही है. इसकी एक वजह तो यही है कि वर्ल्ड कप के मुक़ाबलों में दोनों टीमों के बीच अब ज़ोरदार मुक़ाबला देखने को मिला है. वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच अब तक 12 मुक़ाबले हुए हैं और इनमें आठ बार ऑस्ट्रेलियाई टीम को जीत मिली है.

वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत भारतीय टीम चेन्नई से कर रही है. चेन्नई में दोनों टीमों के बीच इस मैदान पर कुछ शानदार नज़दीकी मुक़ाबले देखने को मिले हैं.

1986 में इसी मैदान पर टेस्ट इतिहास का पहला टाई टेस्ट देखने को मिला था, जबकि 1987 के वर्ल्ड कप के दौरान दोनों टीमों के बीच लीग मुक़ाबला यहां खेला गया था, जिसमें भारतीय टीम महज़ एक रन से हारी थी.

इतिहास गवाह है कि इस मैदान पर दोनों टीम के खिलाड़ियों के बीच सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की होड़ होती है.

जहां तक वनडे मैचों का सवाल है, दोनों टीमों के बीच अब तक 149 मैच खेले गए हैं और इसमें ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 83 मैच जीते हैं और भारतीय टीम को 56 मैचों में कामयाबी मिली है जबकि 10 मैचों का कोई नतीजा नहीं निकला है.

विराट कोहली और रोहित शर्मा

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, विराट कोहली और रोहित शर्मा

भारत का पलड़ा कितना भारी?

आंकड़ों में भारतीय टीम भले पिछड़ती दिख रही हो लेकिन घरेलू मैदान पर उसका दावा कहीं मज़बूत दिख रहा है.

इस मुक़ाबले के लिए टीम इंडिया का दारोमदार काफ़ी हद तक टीम के कप्तान रोहित शर्मा पर टिका होगा. 36 साल के रोहित शर्मा निश्चित तौर पर अपने करियर का अंतिम वर्ल्ड कप खेल रहे हैं. वे इस बार ख़िताब जीत कर 2011 वर्ल्ड कप की कड़वी यादों को भूलना चाहेंगे.

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
दिनभर: पूरा दिन,पूरी ख़बर (Dinbhar)

वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.

एपिसोड

समाप्त

2011 में घरेलू दर्शकों के सामने भारतीय टीम चैंपियन बनी थी लेकिन उस टीम में रोहित शर्मा को खेलने का मौक़ा नहीं मिला था. हालांकि उस दौरान वे भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से खेलने लगे थे लेकिन वर्ल्ड कप की टीम में उन्हें जगह नहीं मिली थी, जिसका मलाल रोहित शर्मा को लंबे समय तक रहा.

12 साल बाद रोहित शर्मा टीम के सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी हैं और कप्तान के तौर पर उनके सामने कपिल देव और महेंद्र सिंह धोनी की लीग में शामिल होने का मौका भी है. वे बीते दो साल से भारतीय टीम के कप्तान हैं और इस दौरान टीम का प्रदर्शन उतार चढ़ाव भरा रहा है.

ऑस्ट्रेलिया के हाथों टीम को इसी साल जून में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में हार का सामना करना पड़ा था और बीते साल टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया से पार नहीं पा सकी थी.

हालांकि इस समय भारतीय टीम तीनों फॉर्मेट में आईसीसी रैंकिंग में दुनिया की नंबर एक टीम बनी हुई है. लेकिन वर्ल्ड कप जीतने के लिए भारतीय टीम को अगले डेढ़ महीने तक भारत के अलग-अलग मैदानों पर अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा.

शुभमन गिल

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, शुभमन गिल

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ शुरुआती मुक़ाबले के लिए टीम की तैयारी पूरी दिख रही है हालांकि शुभमन गिल को बुख़ार होने से टीम प्रबंधन को आख़िरी समय में अपनी योजना में बदलाव करना पड़ा है. हालांकि टीम के कप्तान ने उन्हें आख़िरी समय तक प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की उम्मीद छोड़ी नहीं है.

दरअसल 24 साल के शुभमन गिल से इस वर्ल्ड कप में काफ़ी उम्मीदें हैं. इसलिए उनकी ग़ैर-मौजूदगी को झटके के तौर पर देखा जा रहा है. रोहित शर्मा के जोड़ीदार के तौर पर शुभमन गिल का इस सीज़न अब तक ज़ोरदार प्रदर्शन रहा है. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ आख़िरी दो मैचों में उन्होंने 104 और 74 रनों की पारी खेली थी.

उनके अनफ़िट होने पर बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ईशान किशन को मौक़ा मिल सकता है. ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर मार्कस स्टोइनिस भी फ़िटनेस की समस्या का सामना कर रहे हैं. पिछले महीने भारत के ख़िलाफ़ सिरीज़ के पहले वनडे में उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था. वे फ़िट नहीं हुए तो उनकी जगह सीम गेंदबाज़ कैमरन ग्रीन भारत के ख़िलाफ़ खेलेंगे.

चेन्नई की पिच स्पिनरों को ज़्यादा मदद पहुंचाने वाली है, ऐसे में रोहित शर्मा तीन स्पिनरों के साथ खेलने उतर सकते हैं. कुलदीप यादव, रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन की तिकड़ी में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों पर अंकुश लगाने की क्षमता है.

कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा के साथ विराट कोहली

इमेज स्रोत, JEWEL SAMAD/AFP via Getty Images

इमेज कैप्शन, कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा के साथ विराट कोहली

गेंदबाज़ों से कितनी उम्मीद?

चोट के चलते अक्षर पटेल के बाहर होने के बाद रविचंद्रन अश्विन को वर्ल्ड कप की टीम में शामिल किया गया है. वे हर हाल में अपने चयन को सही साबित करने की कोशिश करेंगे, साथ ही पहले हुई उपेक्षा का जवाब भी देने की कोशिश करेंगे.

उन्होंने अपने पेशेवर क्रिकेट करियर का अधिकांश हिस्सा चेन्नई के इसी मैदान पर बिताया है, लेकिन 2017 की चैंपियंस ट्रॉफ़ी के बाद से टीम प्रबंधन ने उन्हें 50 ओवरों के क्रिकेट के लिए उपयुक्त नहीं माना. पिछले महीने अचानक वर्ल्ड कप की टीम में शामिल होने से पहले बीते छह सालों में उन्होंने महज एक वनडे मैच खेला था.

वैसे स्पिन गेंदबाज़ी में कुलदीप यादव इन दिनों सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं. अश्विन के अनुभव और रविंद्र जडेजा की धीमी गेंदों पर जादू के साथ कुलदीप का फॉर्म- ये तीनों मिलकर कमाल दिखा सकते हैं. लेकिन ज़ाहिर तौर पर गेंदबाज़ी की कमान जसप्रीत बुमराह के हाथों में ही होगी. पीठ की तकलीफ़ के बाद वापसी करते हुए वे पहले ही मुक़ाबले से अपनी पुरानी लय में दिख रहे हैं.

मोहम्मद सिराज, मोहम्मद शमी, शार्दुल ठाकुर और हार्दिक पांड्या के रूप में बुमराह का साथ देने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं.

शुरुआती मुक़ाबले ही नहीं बल्कि पूरे वर्ल्ड कप के दौरान हार्दिक पांड्या की भूमिका सबसे अहम होने वाली है. उन्होंने अपनी गेंदबाज़ी में काफ़ी सुधार किया है और वे टीम के आक्रमण की महत्वपूर्ण कड़ी बन गए हैं. ऑलराउंडर और उप कप्तान के तौर पर हार्दिक पांड्या भी इस वर्ल्ड कप को यादगार बनाना चाहेंगे.

हार्दिक पांड्या के साथ मोहम्मद सिराज

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, हार्दिक पांड्या के साथ मोहम्मद सिराज

बल्लेबाज़ी में क्या दिखेगा कारनामा?

भारतीय टीम की बल्लेबाज़ी काफ़ी हद तक विराट कोहली के इर्द-गिर्द निर्भर होगी. 35 साल के कोहली इस समय भी दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ बने हुए हैं.

सचिन तेंदुलकर के 49 वनडे शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के कोहली को तीन शतक चाहिए और बहुत संभव है कि अगले छह सप्ताह के दौरान वे ये कारनामा कर दिखाएं.

टीम की बल्लेबाज़ी में श्रेयस अय्यर और केएल राहुल जैसे फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज़ भी मज़बूती देंगे. लेकिन एक्स फैक्टर सूर्य कुमार यादव हैं.

इस समय दुनियाभर में सबसे तेज़ी से शॉट्स लगाने में उनका जवाब नहीं है और वे 360 डिग्री क्रिकेटर माने जाते हैं, लेकिन ये बात और है कि प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह पक्की नहीं है.

बहरहाल, चेन्नई की पिच पर पहले खेलना फ़ायदेमंद होगा या बाद में. इसका भी दिलचस्प जवाब है. यहां पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीमों का औसत स्कोर 224 रन है जबकि दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी करने वाली टीम का औसत स्कोर 205 रन है. देखना है कि रविवार को ये सिलसिला बदलता है या नहीं बदल पाता.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)