पेरिस ओलंपिक: नीरज चोपड़ा के साथ मुकाबले से पहले अरशद नदीम क्या दबाव में हैं?

नदीम अरशद
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    • Author, उमरदराज़ नंगियाना
    • पदनाम, बीबीसी उर्दू
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 7 मिनट

पेरिस ओलंपिक में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने जा रहे जैवलिन थ्रोअर अरशद नदीम को इस बात का बख़ूबी अंदाज़ा है कि किसी बड़े इवेंट में अलग तरह का दबाव होता है.

वह भी एक ऐसे मौक़े पर जब उन्हें 32 साल बाद ओलंपिक मुक़ाबले में पाकिस्तान के लिए गोल्ड मेडल जीतने की ‘अकेली उम्मीद’ समझा जा रहा है.

हाल ही में बीबीसी को दिए इंटरव्यू में अरशद नदीम कहते हैं, “ओलंपिक हो रहे हैं तो साफ़ जाहिर है कि प्रेशर तो आता है.”

वो बोले, ''जब आप स्टार्ट पर खड़े होते हैं और जैसे ही आपके हाथ में जैवलिन आता है, आपका फ़ोकस होता है कि मुझे अपनी बेहतरीन थ्रो करनी है तो उस समय वह सारी भावनाएं पीछे रह जाती हैं. बस यही जज़्बा होता है कि मुझे अपना बेस्ट देना है.”

अरशद नदीम और पाकिस्तान के लिए पेरिस ओलंपिक में गोल्ड जीतने का बेहतरीन मौक़ा है लेकिन इस मुक़ाबले में उनके सामने भारत के नीरज चोपड़ा भी होंगे.

साल 2018 में एशियन गेम्स के बाद नीरज चोपड़ा के साथ अरशद नदीम
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नीरज चोपड़ा से फिर होगा मुकाबला

नीरज ने टोक्यो ओलंपिक में भारत को गोल्ड मेडल दिलवाया था.

ओलंपिक की वेबसाइट पर ‘अरशद नदीम बनाम नीरज चोपड़ा’ को पांच बड़े मुक़ाबले में शामिल किया गया है.

वेबसाइट पर लिखा गया है कि पेरिस 2024 दोनों के लिए दुनिया का महान जैवलिन थ्रोअर बनने का मौक़ा है.

एक ख़ास बात यह भी है कि अरशद नदीम दक्षिण एशिया के पहले और अकेले एथलीट हैं जिनके पास 90 मीटर का लक्ष्य पार करने का सम्मान है. जबकि नीरज चोपड़ा ने अब तक 90 मीटर का लक्ष्य पार नहीं किया है.

अरशद नदीम वह पहले पाकिस्तानी थे जिन्होंने 56 साल के इतिहास में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के दौरान जैवलिन थ्रो में पाकिस्तान को गोल्ड मेडल दिलवाया.

उनकी 90.8 मीटर लंबी थ्रो ने न केवल कॉमनवेल्थ गेम्स में जैवलिन रिकॉर्ड तोड़ा बल्कि यह अब तक पाकिस्तान का नेशनल रिकॉर्ड भी है.

पेरिस ओलंपिक में जैवलिन थ्रो क्वालीफ़िकेशन राउंड 6 अगस्त को जबकि फ़ाइनल 18 अगस्त को होगा.

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“कोशिश करता हूं अपना बेस्ट करूं”

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हमने ट्रेनिंग ग्राउंड पर मौजूद अरशद नदीम को कई अभ्यास करते देखा. इस दौरान वह पूरे आत्मविश्वास के साथ दिखाई दिए.

वह बताते हैं, “जैसे ही जैवलिन हाथ से रिलीज़ होती है तो पता चल जाता है कि यह थ्रो अच्छी होगी.”

हर मुकाबले के फ़ाइनल में छह थ्रोज़ होती हैं.

प्रैक्टिस करते हुए अरशद नदीम ने बताया कि 90 मीटर की थ्रो करने से पहले उनकी बेहतरीन थ्रो 86.38 मीटर की थी. उस समय उनकी कोशिश थी कि उनकी अगली थ्रो 86.39 मीटर की हो.

2023 की वर्ल्ड एथलेटिक्स प्रतियोगिता में परंपरागत प्रतिद्वंद्वी भारत के नीरज चोपड़ा उनके सामने थे और वह उस समय कॉमनवेल्थ गेम्स जैसा प्रदर्शन नहीं दोहरा सके थे. इसके बावजूद वह दूसरे नंबर पर आए और उनके प्रतिद्वंद्वी नीरज चोपड़ा पहले नंबर पर आए थे.

शुरुआती तौर पर क्रिकेट और डिस्कस थ्रो खेलने वाले अरशद नदीम अपने करियर में कई बार इंजरी से प्रभावित हुए हैं.

हाल ही में 2023 के दौरान बाएं घुटने में चोट की वजह से वह थाईलैंड के शहर बैंकॉक में एशियाई चैंपियनशिप और 2022 की एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके थे.

पिछले नवंबर के दौरान घुटने की इंजरी की वजह से और नेशनल गेम्स से भी बाहर हुए थे.

अरशद नदीम
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अरशद को उम्मीदें

मगर पेरिस ओलंपिक से अरशद नदीम पूरी उम्मीद लगाए हुए हैं. उनके अनुसार, वह पहले से बेहतर तैयारी के साथ मैदान में उतरने वाले हैं.

पेरिस ओलंपिक से पहले वह ट्रेनिंग के लिए दक्षिण अफ्रीका भी गए थे, जहां से उनके अनुसार उन्होंने “जैवलिन थ्रो के लिए वर्ल्ड लेवल की सुविधाओं की बदौलत बहुत सी नई चीज़ें सीखी हैं.”

“वहां ट्रेनिंग के लिए सही सुविधाएं हैं. वहां आपको हर चीज़ मिलती है. जैसे मेडिसन बॉल, हर्डल्स. हम अखाड़े में जंप करते हैं. इसके साथ-साथ जैवलिन है, वेट ट्रेनिंग है.”

पेरिस रवाना होने से पहले एक ट्रेनिंग सेशन में मीडिया से अरशद नदीम ने कहा “मैं इस बार पहले से बेहतर तैयारी के साथ ओलंपिक में शामिल हो रहा हूं. मेरी फ़िटनेस भी बेहतर है.”

अरशद के अनुसार, “अल्लाह उसी में इज़्ज़त देता है जब खिलाड़ी अपना बेस्ट देता है. देश मेरे लिए दुआ करे ताकि मैं वहां अच्छा परफ़ॉर्म करूं और पाकिस्तान के लिए मेडल जीतूं.”

दक्षिण अफ़्रीका में ट्रेनिंग पूरी करने के लौट के बाद अरशद नदीम ने स्थानीय कोच के साथ लाहौर में भी अपनी प्रैक्टिस जारी रखी है. लेकिन इस दौरान वह इस माह पेरिस में होने वाली डायमंड लीग में शामिल हुए, जहां उन्होंने 84.21 मीटर की थ्रो के साथ चौथी पोज़ीशन हासिल की.

यह इस साल उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मुक़ाबला था जिसमें वह अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हैं. अरशद नदीम ने बताया कि हाल की ट्रेनिंग में उन्होंने अपनी तकनीक और ताक़त को बेहतर करने पर काम किया है.

अरशद नदीम और नीरज चोपड़ा
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मियां चुन्नू गांव का क्रिकेटर एथलीट कैसे बना?

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के इलाक़े मियां चुन्नू से संबंध रखने वाले अरशद नदीम उस सात सदस्यों वाले ओलंपिक दस्ते में शामिल हैं जिनसे पाकिस्तान को मेडल जीतने की उम्मीद है.

27 साल के अरशद नदीम के पिता राजमिस्त्री हैं और वह आठ बहन भाइयों में तीसरे नंबर पर हैं. वह शादीशुदा हैं और उनकी एक बेटा, एक बेटी हैं.

अतीत में उनके कोच रह चुके रशीद अहमद साक़ी के अनुसार- शुरू में अरशद नदीम का ध्यान क्रिकेट पर अधिक हुआ करता था.

“वह गंभीरता से क्रिकेटर बनना चाहते थे लेकिन साथ ही वह एथलेटिक्स में भी दिलचस्पी से हिस्सा लिया करते थे. वह अपने स्कूल के बेहतरीन एथलीट थे.”

रशीद अहमद साक़ी के अनुसार अरशद नदीम के पिता ने उन्हें एक बार कहा था, “यह आपके हवाले.”

अरशद नदीम ने थोड़े समय के लिए पाकिस्तान एयरफ़ोर्स के साथ ट्रेनिंग की और इसके बाद वह ‘वापडा’ के ट्रायल्स में सेलेक्ट हुए. उनका सफ़र मियां चुन्नू के घास वाले मैदान से शुरू हुआ जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में ले गया.

अरशद नदीम
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अरशद नदीम के कोच क्या बोले

सन 2015 में जैवलिन उठाने वाले अरशद नदीम का सपना उस समय पूरा हुआ जब उन्होंने 2020 के टोक्यो ओलंपिक में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया.

अरशद फ़ाइनल तक पहुंचे मगर पांचवें नंबर पर आए. वह ओलंपिक की ट्रैक ऐंड फ़ील्ड में फ़ाइनल तक पहुंचने वाले पहले पाकिस्तानी हैं.

साल 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने और रिकॉर्ड 90 मीटर थ्रो के बाद उन्होंने 2023 में ट्रैक एंड फ़ील्ड में पाकिस्तान को पहला वर्ल्ड सिल्वर मेडल जितवाया था.

उनके कोच फ़ैयाज़ हुसैन बुख़ारी ने बीबीसी उर्दू से कहा था, “अरशद नदीम एक समझदार एथलीट हैं जो बहुत जल्दी सीखने की कोशिश करते हैं. जो काम एक आम एथलीट छह माह में करता है, अरशद वह काम एक महीने में कर लेते हैं.”

ख़ुद अरशद नदीम एक बार यह कह चुके हैं कि क्रिकेटर ना बनना उनके लिए सबसे अच्छी बात थी वरना वह ओलंपिक में नहीं होते.

वो बोले थे, “मुझे पता है कि मेरे अंदर एथलेटिक्स का क़ुदरती टैलेंट है और मैं इसके लिए शुक्रगुज़ार हूं. लेकिन पाकिस्तान में एथलीट होने की कई चुनौतियां हैं, जैसे संसाधनों और सुविधाओं की कमी.”

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