उम्मीदें, डर और विकास की कीमत चुकाने वाले धारावी के लोगों की कहानी

उम्मीदें, डर और विकास की कीमत चुकाने वाले धारावी के लोगों की कहानी
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एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी अब पुनर्विकास के मुहाने पर खड़ी है.

600 एकड़ से ज़्यादा इलाके में फैली धारावी में एक लाख से ज़्यादा लोग काम करते हैं.

भारत की वित्तीय और मनोरंजन जगत की राजधानी माने जाने वाली मुंबई की इस झुग्गी बस्ती के दिन अब बदलने की बातें होने लगी हैं.

इस प्रोजेक्ट को महाराष्ट्र सरकार और अदानी समूह की साझेदारी से अंजाम दिया जाना है. बीबीसी संवाददाता सुमेधा पाल और अंशुल वर्मा धारावी पहुंचे और वहां के लोगों से इस बारे में बातचीत की.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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