ब्राह्मण श्मशान पर उठे सवाल, सभी के लिए खुले द्वार

ब्राह्मण श्मशान पर उठे सवाल, सभी के लिए खुले द्वार
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ओडिशा के केन्द्रापड़ा शहर में केवल ब्राह्मणों के लिए चलाए जा रहे एक अलग श्मशान स्थल को लेकर विवाद उठने के बाद नगर प्रशासन ने इसे सभी वर्गों के लिए खोल दिया है.

ओडिशा के केन्द्रापड़ा शहर में केवल ब्राह्मणों के लिए चलाए जा रहे एक अलग श्मशान स्थल को लेकर विवाद उठने के बाद नगर प्रशासन ने इसे सभी वर्गों के लिए खोल दिया है.

साल 1928 में इस श्मशान को 'केवल ब्राह्मणों' के लिए स्थापित किया गया था. अब इसे क़ानून और संविधान के ख़िलाफ़ पाया गया है.

क़ानूनी जानकारों के अनुसार, यह संविधान की धारा 14, 19 और 21 का उल्लंघन करता है, जो धर्म या जाति के आधार पर किसी भी तरह के भेदभाव को गैर क़ानूनी ठहराते हैं.

रिपोर्टः संदीप साहू

एडिटिंगः देवाशीष

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