जंग के दौरान बिछड़े बच्चों को उनके परिजनों तक पहुंचाना कितना मुश्किल?
जंग के दौरान बिछड़े बच्चों को उनके परिजनों तक पहुंचाना कितना मुश्किल?
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एक अनुमान के मुताबिक़ ग़ज़ा जंग में अब तक 17 हज़ार बच्चे अकेले पड़ गए हैं.
भारी बमबारी और विस्थापन के बीच यूएन की संस्था यूनिसेफ़ ने 63 बच्चों को मां-बाप या उनके परिवारवालों से मिलवाया है. अंदाज़ा है कि इस जंग में 17 हज़ार बच्चे अकेले पड़ गए हैं.
कुछ की उम्र तो इतनी कम है कि उन्होंने बोलना भी नहीं सीखा है. देखिए बीबीसी संवाददाता योलांद नेल की रिपोर्ट.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.



