तस्वीरों मेंः अपना सबकुछ छोड़ भाग रहे हैं यूक्रेन के लोग

एक पिता यूक्रेन छोड़कर पोलैंड जाने के लिए बस में सवार अपने बच्चे को अलविदा कहता हुआ
इमेज कैप्शन, एक पिता यूक्रेन छोड़कर पोलैंड जाने के लिए बस में सवार अपने बच्चे को अलविदा कहता हुआ
प्रकाशित

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक अब तक दस लाख से अधिक लोग यूक्रेन छोड़कर जा चुके हैं.

रूस की सेना यूक्रेन के शहरों पर भीषण बमबारी कर रही है. रिहायशी इलाक़े, स्कूल और प्रशासनिक इमारतों पर बम गिर रहे हैं.

भारी बमबारी के बीच यूक्रेन के लोग जान बचाकर अपने पश्चिमी पड़ोसी देशों की तरफ़ भाग रहे हैं.

पोलैंड जाने के लिए लाखों यूक्रेनी लवीव का रास्ता अपना रहे हैं.

यूक्रेन पोलैंड सीमा पर गल मिलकर अलविदा कहता एक जोड़ा.
इमेज कैप्शन, यूक्रेन पोलैंड सीमा पर गल मिलकर अलविदा कहता एक जोड़ा.

यूक्रेन पर रूस के आक्रामण को सात दिन हो चुके हैं. रूस की सेनाओं ने दक्षिणी तट पर स्थित अहम शहर ख़ेरसोन पर क़ब्ज़ा कर लिया है और रणनीतिक रूप से अहम तटीय शहर मारियुपोल को चारों तरफ़ से घेर लिया है.

पोलैंड सीमा पर एक टेंट में आराम करते यूक्रेनी बुज़ुर्ग. देश छोड़कर जाने वालों में बुज़ुर्ग भी बड़ी तादाद में शामिल हैं
इमेज कैप्शन, पोलैंड सीमा पर एक टेंट में आराम करते यूक्रेनी बुज़ुर्ग. देश छोड़कर जाने वालों में बुज़ुर्ग भी बड़ी तादाद में शामिल हैं

लोगों को भागने के लिए जो रास्ता मिल रहा है अपना रहे हैं. कुछ लोग कारों से सीमा की तरफ़ बढ़ रहे हैं तो कुछ पैदल ही चल रहे हैं. यूक्रेन से पश्चिमी देशों की तरफ़ जाने वाली ट्रेनें खचाखच भरी हैं और लोगों को बैठने की जगह बमुश्किल ही मिल पा रही है.

ये शरणार्थी महिला अपने कुत्ते को साथ ले जा रही है
इमेज कैप्शन, ये शरणार्थी महिला अपने कुत्ते को साथ ले जा रही है

रूस की बमबारी की वजह से यूक्रेन के कई शहरों में पानी और बिजली की आपूर्ति बाधित है और खाद्य सामान का संकट है. यूक्रेन सरकार का कहना है कि रूस रिसायशी इलाक़ों पर ताबड़तोड़ बमबारी कर रहा है.

ये परिवार पैदल ही यूक्रेन से पोलैंड की तरफ़ बढ़ रहा है
इमेज कैप्शन, ये परिवार पैदल ही यूक्रेन से पोलैंड की तरफ़ बढ़ रहा है

पोलैंड के अलावा यूक्रेन के लोग हंगरी, रोमानिया और मोल्दोवा भी बड़ी तादाद में जा रहे हैं. इन देशों ने शरणार्थियों के ठहरने के लिए इंतेज़ाम किए हैं.

ये लोग बस से हंगरी पहुंचे हैं जहां वो एक अस्थायी शरणार्थी केंद्र में रहेंगे
इमेज कैप्शन, ये लोग बस से हंगरी पहुंचे हैं जहां वो एक अस्थायी शरणार्थी केंद्र में रहेंगे

यूक्रेन के पड़ोसी देशों ने आ रहे शरणार्थियों का स्वागत किया है लेकिन उनकी संख्या इतनी ज़्यादा है कि बॉर्डर क्रासिंग पर हालात मुश्किल हो रहे हैं. लोगों के लिए सीमा पार कर लेना आसान नहीं है.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक देश छोड़ कर जा रहे लोगों में आधे से अधिक बच्चे हैं. आशंका ज़ाहिर की गई है कि यूक्रेन-रूस संघर्ष की वजह से चालीस लाख से अधिक लोगों को देश छोड़ना पड़ सकता है.
इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक देश छोड़ कर जा रहे लोगों में आधे से अधिक बच्चे हैं. आशंका ज़ाहिर की गई है कि यूक्रेन-रूस संघर्ष की वजह से चालीस लाख से अधिक लोगों को देश छोड़ना पड़ सकता है.

यूक्रेन के शरणार्थी संकट पर टिप्पणी करते हुए यूएनएचसीआर की प्रवक्ता शाबिया मंटू ने कहा था कि जिस रफ़्तार से लोग देश छोड़ रहे हैं ये परिस्थिति इस सदी में यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट पैदा कर सकती है.

देश छोड़कर भाग रहे लोग अपने साथ बहुत सामान नहीं ले जा पा रहे हैं. उनका सबकुछ पीछे ही छूट जा रहा है
इमेज कैप्शन, देश छोड़कर भाग रहे लोग अपने साथ बहुत सामान नहीं ले जा पा रहे हैं. उनका सबकुछ पीछे ही छूट जा रहा है

यूक्रेन में इस समय भीषण सर्दी पड़ रही है. इसकी वजह से देश छोड़कर भाग रहे लोगों के लिए हालात और भी मुश्किल हो गए हैं.

लवीव रेलवे स्टेशन पर अलाव से गर्मी लेते शरणार्थी. पश्चिमी यूक्रेन के लवीव शहर के रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ है. देश के अलग-अलग इलाक़ों से लोग यहां पहुंच रहे हैं ताकि वो पोलैंड की तरफ़ जा सकें
इमेज कैप्शन, लवीव रेलवे स्टेशन पर अलाव से गर्मी लेते शरणार्थी. पश्चिमी यूक्रेन के लवीव शहर के रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ है. देश के अलग-अलग इलाक़ों से लोग यहां पहुंच रहे हैं ताकि वो पोलैंड की तरफ़ जा सकें

घर छोड़कर जा रहे लोगों के शरीर थकें हुए हैं, चेहरा उदास है और आंखों में आंसू हैं. रूस के आक्रामण ने अचानक उनकी ज़िंदगी को बदल दिया है. अपना सबकुछ छोड़कर पराए देश में पनाह लेने को मज़बूर लोग पैदल ही लंबा सफ़र तय कर रहे हैं.

शरणार्थियों को निवास की अनुमति दी जाएगी और वो काम भी कर सकेंगे. इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का फ़ायदा उठा सकेंगे.इसी बीच यूरोपीय आयोग के गृह मंत्री यूक्रेन से आ रहे शरणार्थियों को तीन साल तक विशेष अस्थायी सुरक्षा देने पर सहमत हुए हैं.

शरणार्थियों का ये समूह हंगरी की तरफ़ ब
इमेज कैप्शन, शरणार्थियों का ये समूह हंगरी की तरफ़ ब

वहीं हंगरी से आई रिपोर्टों के मुताबिक वहां की सरकार ने शुरुआत में इस योजना का समर्थन नहीं किया था.

हालांकि यूरोपीय आयोग का कहना है कि शरणार्थियों को सुविधाएं देने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है.

इन बच्चों को शायद नहीं पता कि उनका अपना मुल्क पीछे छूट रहा है और उन्हें एक नए देश में अपना भविष्य बनाना होगा
इमेज कैप्शन, इन बच्चों को शायद नहीं पता कि उनका अपना मुल्क पीछे छूट रहा है और उन्हें एक नए देश में अपना भविष्य बनाना होगा

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)