BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिल बाइडन को गिफ़्ट देते हुए.
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नमस्ते.
उम्मीद है कि आप अच्छे होंगे, खुश होंगे और रोजमर्रा की ख़बरों से रूबरू होते होंगे.
लेकिन, हम जानते हैं कि रोज़मर्रा की आपा-धापी के बीच आपके लिए देश-दुनिया की हर ख़बर पर नज़र रखना मुश्किल होता होगा.
ऐसे में हम लाए हैं बीते सप्ताह की कुछ दिलचस्प और अहम ख़बरें, जिन पर शायद आपकी नज़र ना गई हो.
ये पाँच ख़बरें आपने पढ़ लीं तो ये समझिए कि आपको बीते हफ़्ते की अहम ख़बरों की पूरी जानकारी मिल गई है.
पीएम मोदी ने जिल बाइडन को जो कृत्रिम हीरा दिया वो कैसे बनाया गया?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने अमेरिकी दौरे पर बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से मुलाकात की और उन्हें कई तोहफे़ दिए. इनमें सबसे ज़्यादा चर्चा ग्रीन डायमंड की हो रही है.
पीएम मोदी ने अमेरिका की फ़र्स्ट लेडी जिल बाइडन को 7.5 कैरेट का इको-फ्रेंडली हीरा उपहार में दिया है.
पीएम मोदी ने जो हीरा दिया है वो अनमोल है और इसे आधुनिक तकनीक से लैब में बनाया गया है. इसके निर्माण में रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग किया गया है.
भले ही यह एक लैब में बना हीरा है, लेकिन इसमें रासायनिक और ऑप्टिकल गुण पृथ्वी से निकाले गए हीरे के समान ही हैं.
लैब में बना हीरा क्या है, इसे कैसे बनाया जाता है, इसमें क्या ख़ास है और यह सामान्य हीरों से कैसे अलग है?
इन सवालों के जवाब के लिए बीबीसी ने हीरा उद्योग से जुड़े लोगों से बात की है. उन्होंने क्या जानकारी दी, पूरी कहानी यहां पढ़ें.
टाइटैनिक दिखाने वाली पनडुब्बी में यात्रा कर चुके मशहूर यूट्यूबर ने क्या बताया?

टाइटन पनडुब्बी में एलन एस्त्रादा.
टाइटैनिक के अवशेषों को अपनी आंखों से देखने के लिए समुद्र की गहराई में चार हज़ार मीटर तक डुबकी लगाना कुछ ऐसा है, जो अब तक बहुत कम लोगों ने किया है.
बीते रविवार को टाइटैनिक को दिखाने वाली पनडुब्बी पांच लोगों के साथ गायब हो गई.
दो साल पहले मैक्सिकन यूट्यूबर और अभिनेता एलन एस्त्रादा को टाइटैनिक दिखाने वाली इस पनडुब्बी ने अपनी तरफ़ आकर्षित किया था.
एलन अपने यू्ट्यूब चैनल "एलन अराउंड द वर्ल्ड" के लिए लोकप्रिय हैं. एलन को समुद्र के भीतर इस तरह की यात्राओं के बारे में कोरोना महामारी के दौरान पता चला था.
उस दौरान एलन अपने यूट्यूब चैनल अपनी सीमाओं से बाहर ले जाकर कुछ नया करने के तरीके खोज रहे थे. उन्होंने पनडुब्बी की यात्रा को लेकर रिसर्च की और अपने लिए स्पॉन्सर्स जुटाए.
अब एलन एस्त्रादा ने पनडुब्बी में अपनी यात्रा के अनुभव के बारे में बताया है. पूरी कहानी के लिए यहां क्लिक करें.
पटना में विपक्ष की बड़ी बैठक, क्या मोदी के ख़िलाफ़ गोलबंद होंगे सभी दल?

23 जून को बिहार की राजधानी पटना में हो रही विपक्षी दलों की बैठक में राजनीति के कई धुर-विरोधी एक-दूसरे के साथ साल 2024 के लोकसभा चुनावों की रणनीति पर मंथन करने वाले हैं.
क़रीब 18 विपक्षी दलों की यह बैठक पटना में बिहार के मुख्यमंत्री आवास एक अण्णे मार्ग में होनी है.
इसमें बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइडेट के नीतीश कुमार के अलावा राष्ट्रीय जनता दल के लालू प्रसाद यादव, कांग्रेस के राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल शामिल होने वाले हैं.
इस बैठक का उद्देश्य नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार और बीजेपी के ख़िलाफ़ 2024 के आम चुनाव से पहले दमदार विपक्ष तैयार करने की कोशिश है.
लेकिन ग़ैर-बीजेपी पार्टियों की ये मित्रता कितनी गाढ़ी हो पाएगी और कितने दिनों तक टिकी रह पाएगी यह देखना दिलचस्प होगा. क्या कहते हैं जानकार, पढ़ें यहां.
रोहित शर्मा की कप्तानी पर उठते सवाल, कौन हो सकता है विकल्प?

लंदन के ओवल मैदान में जब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फ़ाइनल खेला जा रहा था तो मैच के पहले ही दिन से इस बात को लेकर कई फैंस ने बहस शुरू कर दी कि क्या रोहित शर्मा टेस्ट कप्तान के लिए सही पसंद है?
रोहित ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया था और कुछ जानकारों के मुताबिक़ ये किसी बहादुर कप्तान का आक्रामक फ़ैसला ना होकर अनिश्चियी कप्तान का एक सुरक्षात्मक निर्णय था.
और जैसा कि भारतीय क्रिकेट में अक्सर होता है कि जब कोई खिलाड़ी उपलब्ध ना हो या फिर संन्यास ले चुका हो तो उसकी प्लेइंग इलेवन में कमी सबसे ज़्यादा खलती है.
फैंस इस बात को भूल जातें हैं जब वो खिलाड़ी टीम के साथ था, तो वही फैंस उस खिलाड़ी को टीम से हटाने के लिए सोशल मीडिया पर कैंपेन तक चलाते थे.
विराट कोहली के साथ भी फ़िलहाल ऐसा हो रहा है. अब जबकि कोहली कप्तान नहीं है तो अचानक से हर कोई कोई उनके आक्रामक रवैये की कमी रोहित की कप्तानी में ढूंढने की कोशिश कर रहा है. बेशक, ये व्यर्थ और बेकार प्रयास ही है.
तो क्या इसका मतलब ये मान लिया जाए कि टेस्ट कप्तान के तौर पर भारत के पास रोहित के अलावा कोई और ठोस विकल्प नहीं बचा है? पूरी कहानी यहां.
मधुबाला के लाखों दीवानों में ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो भी थे

कम लोग जानते हैं कि मुंबई के वर्ली सी फ़ेस में भुट्टो परिवार की एक आलीशान कोठी हुआ करती थी. सन 1954 से 1958 के बीच भुट्टो अक्सर इसी कोठी में रहा करते थे जबकि उनका पूरा परिवार पाकिस्तान जा चुका था.
उसी दौरान मुंबई में मुग़ल- ए- आज़म फ़िल्म की शूटिंग हो रही थी. नौशाद याद करते हैं, ‘इस फ़िल्म में ‘मोहे पनघट पे नंदलाल छोड़ गयो रे’ गाना फिल्माया जा रहा था.
भुट्टो इस गाने और मधुबाला पर इतने फ़िदा थे कि वो रोज़ इस गाने की शूटिंग देखने आते थे. वो मधुबाला से शादी को लेकर बेहद संजीदा थे.
अपने इस इरादे का इज़हार एक बार उन्होंने एक लंच के दौरान मधुबाला के सामने कर भी दिया था. जवाब में उन्हें सिर्फ़ मधुबाला का एक कहकहा भर ही नसीब हुआ था.’
मधुबाला बेपनाह हसीन अभिनेत्री थीं. हसीन लोगों की दुनिया में भी वो अलग ही दिखाई देती थीं. कहा जाता है कि उनके प्रकाशित किसी फोटो ने उनकी सुंदरता के साथ न्याय नहीं किया है.
उनकी तुलना अक्सर हॉलिवुड की अभिनेत्री मार्लिन मनरो से की जाती थी. दोनों की सुंदरता के चर्चे हर जगह होते थे. दोनों की ही मृत्यु सिर्फ़ 36 साल की उम्र में हो गई थी, मार्लिन की 1962 में और मधुबाला की 1969 में. मधुबाला पर रेहान फ़ज़ल का ये लेख पढ़ें यहां.
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